करन कोविन्द
Thursday, May 2, 2019
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करन कोविंद
(no title)
इन्द्रधनुष ************ झलके घटा इन्द्रधनुष कि भरे सतरंग चमक पुलक भरे वह झलक रहा व्योम धरा के सीने मे पुलकित किया आकाश को अन्तर लिये...
मधुमय यौवन लौटा दो!
मधुमय यौवन लौटा दो।. विश्व की सारी व्याथाये राख संग मेरे धर दो रक्त की सारी शिराओ मे उस्मा -संचित कर दो संशय को सत्य कर दो! मधुमय जीवन...
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