करन कोविन्द
Sunday, May 5, 2019
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करन कोविंद
(no title)
इन्द्रधनुष ************ झलके घटा इन्द्रधनुष कि भरे सतरंग चमक पुलक भरे वह झलक रहा व्योम धरा के सीने मे पुलकित किया आकाश को अन्तर लिये...
(no title)
समय समय आ रहा अनन्त शान्त से न बूझो न देखो क्लान्त श्रान्त से कभी समय केवल मात्र नाम था उसमे भी केवल घ्रर उद्दम था कई बर्ष पहले खु...
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